दिल्ली सरकार के प्रशासनिक कामकाज में पिछले एक वर्ष में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरकार का 75 प्रतिशत से अधिक कामकाज अब ऑनलाइन 'ई-ऑफिस' मंच पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस आधुनिक डिजिटल व्यवस्था से अब तक 177 विभाग और लगभग 15,700 कर्मचारी पूरी तरह जुड़ चुके हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने के एक वर्ष के दौरान कागजी फाइलों पर निर्भरता कम हुई और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार की ई-ऑफिस प्रणाली को शुरू हुए एक जुलाई को एक वर्ष पूरा हो जाएगा।
91% महकमों में फाइलों का ऑनलाइन आदान-प्रदान
दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 13 अप्रैल, 2026 से सरकार के 132 विभागों में से 120 विभाग, यानी लगभग 91 प्रतिशत नियमित रूप से ई-ऑफिस का उपयोग कर रहे हैं। बयान के मुताबिक, इसी तरह 55 सार्वजनिक उपक्रमों, बोर्ड, निगमों, आयोगों, समितियों, स्वायत्त और स्थानीय निकायों में से 36 यानी लगभग 65.5 प्रतिशत इस प्रणाली का इस्तेमाल कर रहे हैं। विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 48 में से 21 संस्थानों ने यानी लगभग 43.8 प्रतिशत ने ई-ऑफिस प्रणाली को अपनाया है।
नियमित विभागों में डिजिटल क्रांति
ई-ऑफिस' मूल रूप से एक खुली सॉफ्टवेयर संरचना (ओपन सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर) वाला मंच है। यह बड़ी संख्या में यूज़र्स को एक ही समय पर विभागों के अंदर और अलग-अलग विभागों के बीच बिना किसी देरी के डिजिटल फाइलों को भेजने और ट्रैक करने की सुविधा प्रदान करता है। नियमित सरकारी विभागों के अलावा स्वायत्त निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में भी इस सिस्टम को तेजी से लागू किया जा रहा है। नियमित सरकारी विभागों के अलावा स्वायत्त निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में भी इस सिस्टम को तेजी से लागू किया जा रहा है।
235 सरकारी कार्यालयों में से 177 अब पूरी तरह 'पेपरलेस'
कुल मिलाकर, 235 विभागों और कार्यालयों में से 177 यानी लगभग 75.3 प्रतिशत, अब नियमित रूप से ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सरकारी कामकाज कर रहे हैं। 'ई-ऑफिस' एक खुली सॉफ्टवेयर संरचना वाला मंच है, जो बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं के लिए विभागों के भीतर और विभागों के बीच फाइलों के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है।